Wednesday, May 20, 2026

प्रांतीय शास्त्रीय संगीत कार्यशाला 2026 का किया शुभारंभ राजेश्री महन्त जी ने

पांच दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षार्थी ले सकेंगे प्रशिक्षण गायन, वादन एवं नृत्य का



पांच दिवसीय प्रान्तीय शास्त्री संगीत कार्यशाला 2026 का आयोजन संस्कार भारती जिला इकाई शक्ती एवं नगर पंचायत शिवरीनारायण जिला जांजगीर चांपा के संयुक्त तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर शिवरीनारायण मे किया गया है। इसका शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज एवं अतिथियों ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी पवन सुल्तानिया ने की, संगीत की देवी माता सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण किया गया, अतिथियों का स्वागत शाल, श्रीफल एवं पुष्प माला से आयोजन समिति के द्वारा किया गया। ग्वालियर एवं खैरागढ़ सहित अनेक स्थानों से आए हुए कलाकारों द्वारा गायन, वादन एवं नृत्य  प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- *यह हम शिवरीनारायण नगर वासियों का परम सौभाग्य है कि संस्कार भारती जिला इकाई शक्ती के द्वारा संगीत के प्रांत स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन इस नगर में हुआ है*। यहां छत्तीसगढ़ राज्य सहित *अन्य प्रान्तों से आए हुए प्रख्यात संगीत साधकों के द्वारा आप सभी को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, मुझे आशा ही नहीं अपितु पूरा विश्वास है कि इससे आप सभी को संगीत की अनेक विधाओं को सीखने और समझने का बहुत अच्छा अवसर प्राप्त होगा* लोगों को भागवताचार्य योगेश शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि शास्त्रों में कहा गया है कि- *साहित्य संगीत कला विहीन: साक्षात पशु पुच्छ विषाण हीन:*।  आचार्य ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि - *संगीत ईश्वर की शक्ति है* लोगों को समाज सेवी सुबोध शुक्ला सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विशेष रूप से ग्वालियर से शास्त्रीय गायन के लिए डॉक्टर यश देवले, तबला प्रशिक्षक खैरागढ़ से दीपक दास महंत, कथक नृत्यांगना सुश्री सीमा बरेठ, प्राचार्य बसंत देवांगन, शिक्षा जगत से मिश्रा जी, जगदीश यादव, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक गण उपस्थित थे। कार्यक्रम का विधिवत संचालन बारी-बारी से शरद पांडे एवं मनोज तिवारी जी ने किया। संस्था के अध्यक्ष के. आर. कश्यप ने आभार व्यक्त की।

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