जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम हीरागढ़, यानी टुरी, इन दिनों भक्ति और आस्था के रंग में रंगा हुआ है
यहां पंच कुण्डीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें लगभग 500 कन्याओं ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ी करमा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। गांव की गलियों में जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दे रही है।
इस महायज्ञ में अयोध्या धाम से पधारे पंडित श्री तुंगनाथ शास्त्री जी महाराज यज्ञाचार्य के रूप में अनुष्ठान का संचालन कर रहे हैं, वहीं वृंदावन धाम से आए स्वामी श्री पुण्डरीकाक्षाचार्य वेदांती जी महाराज श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। मुख्य यजमान श्री नरोत्तमलाल कश्यप पत्नी श्रीमति मालती देवी कश्यप जी है,
यह आयोजन जगतगुरु परंपरा से जुड़े संतों के सानिध्य में रहे एवं इस गांव के पूर्व निवासी स्वर्गीय श्री दुलीचंद शर्मा जी का पोता डॉक्टर अनंताचार्य जी महाराज और ग्रामवासियों के संकल्प से किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समस्त जीवों और राष्ट्र के कल्याण की कामना भी है। यह इस गांव का ऐतिहासिक महायज्ञ है इससे पूर्व इस गांव में इतना भव्य आयोजन नहीं हुआ है
गांव में चल रहे इस वैदिक महायज्ञ में श्रद्धालु तन, मन और धन से सेवा कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। आयोजकों ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर पहुंचकर यज्ञ में सहभागिता करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।
हीरागढ़ का यह आयोजन न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी जीवंत उदाहरण बन रहा है।

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