धार्मिक नगरी शिवरीनारायण स्थित चित्रोत्पला गंगा महानदी, जिसे त्रिवेणी संगम के नाम से जाना जाता है, आज अपनी भव्य एवं दिव्य महानदी गंगा आरती के कारण नगर की नई पहचान बन चुकी है।
बनारस एवं अयोध्या की तर्ज पर शबरीनारायण धाम में प्रतिदिन आयोजित होने वाली महानदी गंगा आरती श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है।
इस पुनीत कार्य का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत एवं उनकी टीम के विशेष प्रयासों से हुआ। कार्यक्रम के प्रभारी पार्षद सत्येंद्र केवट के नेतृत्व में प्रतिदिन सुव्यवस्थित रूप से गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में वैवाहिक वर्षगांठ के शुभ अवसर पर नगर पंचायत के पार्षद ओमप्रकाश छाया साहू तथा राहौद के तहसीलदार चन्द्रकांत चंद्रवंशी अपनी धर्मपत्नी के साथ मुख्य यजमान के रूप में महानदी गंगा महाआरती में सम्मिलित हुए।
शान्ति कुंज हरिद्वार से शिक्षा प्राप्त किए धार्मिक नगरी शिवरीनारायण के पंडित चंद्रमोहन शर्मा महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोनों दंपतियों से विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न कराया शुभ आशीर्वाद प्रदान की तथा महानदी गंगा आरती के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
महाआरती के दौरान नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रतिदिन आयोजित होने वाली यह महानदी गंगा आरती अब शिवरीनारायण की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान के रूप में स्थापित हुआ है
चित्रोत्पला गंगा महानदी, जिसमें तीन नदियों का संगम है महानदी, शिवनाथ नदी एवं जोंक नदी त्रिवेणी संगम के नाम से विख्यात है। नदियों के इस दिव्य संगम स्थल त्रिवेणी संगम पर श्रद्धा एवं विधि-विधान से की गई आरती, पूजा और प्रार्थना से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा महाआरती में शामिल होकर माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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