Monday, June 29, 2026

45 वर्षों बाद केवट निषाद समाज की जमीन पर मिला पुनः कब्जा, प्रशासन की मौजूदगी में केंद्रीय समिति ने संभाली भूमि

जांजगीर-चांपा जिले के चिल्हाटी ग्राम में छत्तीसगढ़ केवट निषाद समाज के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन रहा।



 समाज की लगभग 2 एकड़ 27 डिसमिल भूमि, जिस पर पिछले करीब 45 वर्षों से अवैध कब्जा बताया जा रहा था, वह लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आज पुनः समाज के अधिकार में आ गई।

केंद्रीय समिति शिवरीनारायण द्वारा वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद प्रशासन की उपस्थिति में भूमि पर समाज को पुनः कब्जा दिलाया गया। इस दौरान पटवारी, तहसीलदार एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत समाज को भूमि का कब्जा सौंपा गया।

इस अवसर पर केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह समाज की एकता, धैर्य और कानूनी संघर्ष की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि समाज की संपत्ति की रक्षा करना प्रत्येक स्वजातीय बंधु की जिम्मेदारी है और भविष्य में भी समाज के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इसी प्रकार प्रयास जारी रहेंगे।

भूमि पर पुनः कब्जा दिलाने की इस पूरी प्रक्रिया में क्षेत्रीय समिति के पदाधिकारियों के साथ-साथ चिल्हाटी एवं आसपास के स्थानीय स्वजातीय बंधुओं का उल्लेखनीय सहयोग रहा। सभी ने एकजुट होकर समाज के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समाज के लोगों ने केंद्रीय समिति शिवरीनारायण के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि वर्षों से लंबित यह मामला आखिरकार न्याय और कानून के बल पर समाज के पक्ष में सुलझा।

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