शिवरीनारायण। परम पूज्य महाराज श्री आशु कृष्ण शास्त्री जी, संस्थापक-अध्यक्ष, श्री बृजेश्वरी राधे सेवा संस्थान, वृंदावन का प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन हुआ। शिवरीनारायण पहुंचने पर उन्होंने माता शबरी की पुण्यधारा और धार्मिक नगरी शिवरीनारायण की पावन भूमि को लेकर अपने भाव व्यक्त किए।
महाराज श्री आशु कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि कई जन्मों और जन्मांतरों के पुण्य के फलस्वरूप उन्हें माता शबरी की इस पुण्यधारा और शिवरीनारायण की इस पावन धरती पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने शिवरीनारायण को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए यहां पहुंचने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने बताया कि वृंदावन से छत्तीसगढ़ की यात्रा के दौरान उन्हें प्रयागराज सहित अनेक धार्मिक स्थलों के दर्शन करने तथा साधु-संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला। छत्तीसगढ़ में पहली बार आगमन को लेकर उन्होंने कहा कि उनका मन गदगद और अभिभूत है।
आज मैं अपनी छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में बैठा हूं
भारत की संस्कृति और मातृभूमि की भावना का उल्लेख करते हुए महाराज जी ने कहा कि दुनिया में अनेक देश हैं, लेकिन भारत को ही श्रद्धा और सम्मान के साथ
भारत माता कहा जाता है। इसी प्रकार भारत के विभिन्न प्रांतों की अपनी विशिष्ट पहचान और संस्कृति है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती को यहां के लोग प्रेम और सम्मान से छत्तीसगढ़ महतारी कहते हैं।
भावुक होते हुए महाराज जी ने कहा
आज मैं अपनी छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में बैठा हूं।
सनातन धर्म और धर्मांतरण को लेकर जताई चिंता
सनातन धर्म और संस्कृति के विषय में महाराज जी ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ आने का प्रयास कर रहे थे, ताकि यहां की धार्मिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को करीब से समझ सकें।
छत्तीसगढ़ पहुंचने के बाद उन्होंने धर्मांतरण की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण की घटनाओं के बारे में जानकर उनका मन अत्यंत दुखित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक परिस्थितियों या थोड़े से धन के कारण कोई व्यक्ति अपने मूल धर्म, संस्कृति और परंपराओं से दूर होता है, तो यह समाज के लिए चिंता का विषय है।
महाराज जी ने कहा कि सनातन धर्म, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के साथ समाज में जागरूकता लाने के लिए श्री बृजेश्वरी राधे सेवा संस्थान सदैव तत्पर रहेगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी सनातन संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। मठ मंदिर शिवरीनारायण एवं नर नारायण मंदिर दर्शन कर डॉ महंत रामसुंदर दास महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किए
श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने किया स्वागत
महाराज श्री आशु कृष्ण शास्त्री जी के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर संतोष अग्रवाल, संजय शर्मा, गोपाल केडिया, अंकुर अग्रवाल, अखिल केशरवानी, निरंजन थवाईत, नवीन माधवानी, अनिल अग्रवाल, लल्लू यादव, सुनील गुपचुप सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महाराज जी के आगमन से शिवरीनारायण की धार्मिक नगरी में आध्यात्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय नजर आया।

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